दिल्ली: त्योहारी सीजन में घर बनाने और खरीदने वालों के लिए बड़ी राहत की खबर आई है। केंद्र सरकार ने निर्माण सामग्रियों पर जीएसटी दरें घटा दी हैं, जिससे घर बनवाने की लागत में 3 से 5 प्रतिशत तक की कमी आ सकती है। नई व्यवस्था ‘GST 2.0’ के तहत सीमेंट, टाइल, पेंट और लकड़ी के उत्पादों पर टैक्स में भारी कटौती की गई है, जबकि स्टील और सरिया पर इनपुट टैक्स क्रेडिट का फायदा दिया गया है।
🧱 निर्माण सामग्री पर नई GST दरें
सरकार ने आम लोगों के घर का सपना पूरा करने के लिए निर्माण से जुड़ी वस्तुओं पर टैक्स स्ट्रक्चर सरल किया है। अब घर बनाने की लागत पहले से काफी कम होगी।
निर्माण सामग्री पहले की दर नई दर असर
सीमेंट और रेडी मिक्स कंक्रीट 28% 18% कुल लागत में 1-1.5% की कमी
टाइल्स और रेत 18% 5% फर्श और प्लास्टरिंग खर्च घटा
पेंट 28% 18% इंटीरियर सजावट सस्ती
स्टील और सरिया 18% 18% (ITC के साथ राहत) संरचना निर्माण में बचत
प्लाईवुड और लकड़ी उत्पाद 28% 18% फर्नीचर और इंटीरियर खर्च घटा
💰 घर बनाने की लागत में कितनी हुई बचत?
नई GST दरों के बाद, जो घर पहले ₹70 लाख में बनता था, अब करीब ₹67.90 लाख में तैयार होगा — यानी ₹2.10 लाख तक की सीधी बचत।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह सुधार रियल एस्टेट सेक्टर में नई जान फूंक सकता है और खरीदारों के साथ-साथ डेवलपर्स दोनों को फायदा देगा।
📉 राज्यवार असर
दिल्ली-एनसीआर: सीमेंट पर 10% टैक्स कटौती से फ्लैट की कीमतों में 1–1.2% तक कमी आई।
महाराष्ट्र और कर्नाटक: मिड-सेगमेंट प्रोजेक्ट्स में 3–4% तक लागत घटी, जिससे बिल्डर्स को ऑफर देने का मौका मिला।
लखनऊ, इंदौर, कोयंबटूर जैसे टियर-2 शहरों में ईंट और टाइल्स सस्ते होने से किफायती हाउसिंग की मांग और बढ़ी है।
🏗️ खरीदार और बिल्डर्स दोनों को मिलेगा फायदा
GST 2.0 के सुधारों से दोहरा लाभ मिलेगा —
खरीदारों को सस्ती दरों पर घर मिलेंगे,
डेवलपर्स की लागत कम होगी जिससे प्रोजेक्ट्स समय पर पूरे हो पाएंगे।
रियल एस्टेट एक्सपर्ट्स के मुताबिक, इस बदलाव से हाउसिंग मार्केट में नई ऊर्जा आएगी और घर खरीदना अब पहले से ज्यादा आसान हो जाएगा।















