रायपुर। छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश की राजनीति में इन दिनों आदिवासियों की पहचान और धर्म को लेकर नई बहस छिड़ गई है। सवाल उठ रहा है कि क्या आदिवासी हिंदू हैं या उनकी अलग धार्मिक पहचान होनी चाहिए? यह मुद्दा पहले भी विवादों में रहा है, लेकिन कांग्रेस के एक बयान के बाद सियासत गरमा गई है।दरअसल, मध्यप्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने नारा दिया – “गर्व से कहो, हम आदिवासी हैं, हिंदू नहीं।” इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में तूफान मच गया है। कांग्रेस नेताओं ने जनगणना में आदिवासियों के लिए हिंदू धर्म से अलग एक नया धर्म-कोड शामिल करने की मांग उठाई है।वहीं, बीजेपी ने इसे कांग्रेस की वोट बैंक राजनीति और विभाजनकारी सोच करार दिया है। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और अन्य भाजपा नेताओं ने उमंग सिंघार को घेरते हुए उनकी टिप्पणी को हिंदू और हिंदुत्व विरोधी बताया और उनसे माफी की मांग की।अब सवाल यह है कि MP से उठी यह सियासी जंग क्या छत्तीसगढ़ में भी दोहराई जाएगी? क्या यह मुद्दा जानबूझकर चुनावी समय में उछाला जा रहा है? और इसका लाभ किसे मिलेगा? इन सवालों पर राजनीति और समाज दोनों में चर्चा तेज है।
CG News: आदिवासी धर्म पर सियासी संग्राम, कांग्रेस का नया नारा – “हम आदिवासी हैं, हिंदू नहीं”











