नीरज निर्मलकर की रिपोर्ट
रायपुर। राजधानी रायपुर से लगे ग्राम धरमपुरा में स्थित युवा मित्र गणेश उत्सव समिति हर साल अनोखे अंदाज में गणेश जी की प्रतिमा स्थापित करने के लिए जानी जाती है। समिति की विशेषता यह है कि यहां गणेश प्रतिमा हमेशा प्राकृतिक वस्तुओं से निर्मित होती है, जिससे पर्यावरण संरक्षण का संदेश पूरे समाज तक पहुँचता है।
इस वर्ष समिति ने पूरी तरह बिना केमिकल और कृत्रिम रंगों के गणेश प्रतिमा स्थापित की है। मूर्ति को बनाने में जवा, तीली, सरसों, जीरा और मिर्ची जैसी प्राकृतिक सामग्री का उपयोग किया गया है। पिछले वर्ष यहां अनाथ बछड़ों के गोबर से बनी प्रतिमा स्थापित की गई थी, जिसने काफी सराहना बटोरी थी।
प्रतिमा का निर्माण करने वाले मूर्तिकार पीलू राम साहू ने बताया कि समिति के युवा हर साल प्रकृति-आधारित थीम पर प्रतिमा बनाने का ऑर्डर देते हैं। इससे न केवल पारंपरिक कला को नया जीवन मिलता है, बल्कि युवाओं को अपनी संस्कृति और धरोहर से जुड़ने की प्रेरणा भी मिलती है।
समिति के प्रतिनिधि और जनपद पंचायत धरसीवां सभापति नीरज निर्मलकर ने कहा कि हमारी कोशिश हमेशा ऐसी प्रतिमाएं बनाने की रहती है जो समाज में सकारात्मक संदेश दें। साथ ही उन्होंने युवाओं से अपील की कि भगवान को लोकप्रिय बनाने के लिए उन्हें कार्टून के रूप में प्रस्तुत न करें।
समिति में सोमन ध्रुव, इंदा साहू, पुरुषाऊ साहू, भूखन साहू, भेखराम साहू, धन्नू साहू सहित कई युवा और बच्चे सक्रिय रूप से शामिल हैं।











