September 7, 2026

पुलिस का वायरल वीडियो: हत्या के आरोपी को रस्सी से बांधकर पीटा, कार्रवाई पर उठे सवाल : जाने क्या है पूरा मामला

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गुजरात पुलिस का वायरल वीडियो: हत्या के आरोपी को रस्सी से बांधकर पीटा, कार्रवाई पर उठे सवाल

भावनगर, गुजरात। गुजरात के भावनगर से सामने आए एक वायरल वीडियो ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। वीडियो में हत्या के एक आरोपी को रस्सियों से बांधकर सार्वजनिक जगह पर पुलिसकर्मियों द्वारा डंडे से पीटते हुए देखा जा रहा है। घटना उस समय की बताई जा रही है, जब पुलिस आरोपी को क्राइम सीन रिक्रिएट कराने के लिए घटनास्थल पर लेकर पहुंची थी।

क्या है पूरा मामला?

रिपोर्टों के अनुसार, भावनगर के GSRTC बस स्टैंड के पास काजल बरैया नाम की 40 वर्षीय महिला पर 3 सितंबर को हमला हुआ था। उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। पुलिस ने इस मामले में फैजल उर्फ खटकी रफीक लखानी को गिरफ्तार किया।

पुलिस के अनुसार, आरोपी और महिला के बीच पहले से संबंध थे। घटना से पहले दोनों के बीच विवाद हुआ था। मामले में पुलिस ने CCTV फुटेज के आधार पर जांच आगे बढ़ाई।

📹 फिर सामने आया पुलिस का वीडियो

5 सितंबर को पुलिस आरोपी को घटनास्थल पर crime scene reconstruction के लिए लेकर गई। इसी दौरान सामने आए वीडियो में आरोपी को रस्सियों से बांधा गया और पुलिसकर्मियों द्वारा उसे डंडे से पीटे जाने का दावा किया गया है। वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया।

भावनगर के नीलमबाग थाने के पुलिस इंस्पेक्टर डी.पी. उनाडकट ने कार्रवाई का बचाव करते हुए इसे “रेयर केस” बताया और कहा कि ऐसी कार्रवाई से अपराधियों में पुलिस का डर पैदा होता है।

⚖️ लेकिन पुलिस की कार्रवाई पर बड़ा सवाल

मामला इसलिए भी गंभीर है क्योंकि गुजरात में आरोपियों को सार्वजनिक रूप से बांधने, परेड कराने या पीटने जैसी कार्रवाई को लेकर पहले से निर्देश और न्यायिक कार्यवाही सामने आ चुकी है।

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, गुजरात DGP ने 12 मई को पुलिस अधिकारियों को पत्र भेजकर आरोपियों को रस्सियों से बांधने और सार्वजनिक रूप से परेड कराने जैसी कार्रवाई रोकने के निर्देश दिए थे।

वहीं, PUCL गुजरात ने इस घटना को लेकर वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए कानूनी नोटिस भेजे जाने की जानकारी दी है।

आरोपी पर हत्या का मामला दर्ज होना और अदालत द्वारा दोषी ठहराया जाना दो अलग बातें हैं। अपराध की सजा देने का अधिकार अदालत का है।

अब सवाल यह है कि भावनगर में हुई इस कथित पुलिस पिटाई पर वरिष्ठ पुलिस अधिकारी क्या कार्रवाई करते हैं?