🚔 कोरबा में 220 KV लाइन के एल्युमिनियम केबल चोरी का खुलासा, ठेकेदार के यार्ड से चोरी का आरोप; 1 टन तार बरामद
उरगा पुलिस की कार्रवाई, आरोपी गिरफ्तार; चोरी में इस्तेमाल ट्रैक्टर और बाइक भी जब्त
कोरबा। उरगा थाना क्षेत्र में 220 केवी विद्युत लाइन के एल्युमिनियम केबल चोरी के मामले का पुलिस ने खुलासा करने का दावा किया है। पुलिस ने मामले में राकेश पटेल, निवासी भिलाई खुर्द को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक आरोपी की निशानदेही पर चोरी में प्रयुक्त ट्रैक्टर, मोटरसाइकिल और करीब 1 टन तार बरामद किया गया है।
📍 मिश्रा ट्रेडर्स के यार्ड से चोरी
पुलिस के अनुसार मिश्रा ट्रेडर्स के यार्ड के खुले क्षेत्र में 220 केवी विद्युत लाइन का एल्युमिनियम केबल रखा हुआ था। 31 अगस्त 2026 की रात करीब 10:30 बजे के बाद यहां से केबल चोरी होने की शिकायत दर्ज कराई गई।
शिकायत के मुताबिक चोरी गए तार की अनुमानित कीमत करीब 1 लाख रुपये बताई गई है।
मामले में उरगा पुलिस ने अपराध दर्ज कर जांच शुरू की।
🔎 मुखबिर की सूचना से आरोपी तक पहुंची पुलिस
जांच के दौरान पुलिस को सूचना मिली कि राकेश पटेल अपने बाड़ी में चोरी का केबल छिपाकर रखा है। पुलिस ने संदेही से पूछताछ की।
पुलिस के अनुसार पूछताछ में आरोपी ने अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर यार्ड से एल्युमिनियम केबल चोरी करने की बात स्वीकार की। पुलिस का दावा है कि चोरी किए गए केबल को घर के पीछे बाड़ी में ले जाकर उसका एल्युमिनियम अलग किया गया और बाद में कबाड़ी को बेच दिया गया।
🚜 ट्रैक्टर और बाइक समेत तार बरामद
पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर:
मोटरसाइकिल – CG 12 BT 7571
ट्रैक्टर – CG 12 BB 0653
करीब 1 टन जीआई/चोरी का तार
बरामद कर जब्त किया है।
⚖️ आरोपी गिरफ्तार, जांच जारी
पुलिस के अनुसार पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद राकेश पटेल को 5 सितंबर 2026 शाम 5:20 बजे गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तारी की सूचना परिजनों को देने और गिरफ्तारी के आधार से आरोपी को अवगत कराने की बात भी पुलिस ने प्रेस नोट में कही है।
पुलिस के मुताबिक मामले में अन्य आरोपियों और चोरी की बाकी संपत्ति के संबंध में जांच जारी है।
🔴 TMN News का बड़ा सवाल
अगर चोरी गया माल करीब 1 लाख रुपये का था, तो पुलिस द्वारा बरामद बताए गए करीब 1 टन तार की प्रकृति और कीमत क्या है?
क्या यह वही चोरी गया एल्युमिनियम केबल है?
चोरी में कितने लोग शामिल थे?
तार किस कबाड़ी को बेचा गया?
कबाड़ी तक पुलिस पहुंची या नहीं?
यार्ड की सुरक्षा व्यवस्था कैसी थी?
क्या चोरी की पूरी संपत्ति बरामद हो गई है?
इन सवालों का जवाब जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।
