बिलासपुर में 23 संदिग्ध विदेशी नागरिक हिरासत में, 1162 लोगों की जांच के बाद STF की बड़ी कार्रवाई
फर्जी दस्तावेजों के आरोप में कार्रवाई, पश्चिम बंगाल तक पहुंची पुलिस की जांच; 4 सितंबर को रायपुर होल्डिंग सेंटर भेजे गए
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में संदिग्ध विदेशी नागरिकों और बिना वैध दस्तावेजों के रहने वाले लोगों की पहचान को लेकर चलाए जा रहे विशेष अभियान में पुलिस ने 23 संदिग्ध लोगों को हिरासत में लिया है। पुलिस के अनुसार पिछले दो महीनों में जिले के अलग-अलग इलाकों में करीब 1,162 लोगों की जांच की गई, जिनमें 23 लोगों के दस्तावेज कथित तौर पर गलत या फर्जी पाए गए।
🔎 STF ने दो महीने तक चलाया सत्यापन अभियान
बिलासपुर पुलिस के अनुसार इस अभियान के लिए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (IUCAW) के नेतृत्व में 7 निरीक्षकों वाली विशेष टास्क फोर्स (STF) गठित की गई थी। टीम ने जिले के अलग-अलग क्षेत्रों में लोगों की पहचान, निवास और दस्तावेजों का सत्यापन किया।
पुलिस के मुताबिक जांच के दौरान 23 ऐसे लोग सामने आए, जिन्होंने कथित तौर पर गलत अथवा फर्जी दस्तावेज प्रस्तुत किए थे।
📍 पश्चिम बंगाल तक पहुंची जांच
मामले की जांच यहीं नहीं रुकी। STF की टीमें मुर्शिदाबाद, जंगीपुर और मालदा सहित पश्चिम बंगाल के उन क्षेत्रों तक पहुंचीं, जहां इन लोगों ने अपने मूल निवास का दावा किया था।
पुलिस के अनुसार वहां स्थानीय पुलिस और संबंधित अधिकारियों से दस्तावेजों तथा बताए गए पते का सत्यापन कराया गया।
🚨 23 संदिग्धों को रायपुर भेजा गया
पुलिस के अनुसार ये सभी 23 लोग सिरगिट्टी थाना क्षेत्र में रह रहे थे और करीब दो वर्षों से बिलासपुर में फेरी लगाने का काम कर रहे थे।
4 सितंबर 2026 को पहचान और दस्तावेजों की सत्यापन प्रक्रिया पूरी होने तक उन्हें रायपुर स्थित होल्डिंग/डिटेंशन सेंटर भेजा गया।
पुलिस ने कहा है कि पहचान और नागरिकता की अंतिम पुष्टि के बाद आगे की कानूनी प्रक्रिया की जाएगी। पुलिस के मुताबिक जांच में इनके बांग्लादेश से होने के संकेत मिले हैं, लेकिन अंतिम पुष्टि की प्रक्रिया पूरी होना बाकी है।
📞 पुलिस ने जारी किया हेल्पलाइन नंबर
बिलासपुर पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि यदि किसी व्यक्ति की पहचान, निवास या दस्तावेजों को लेकर संदेह हो अथवा कोई संदिग्ध गतिविधि दिखाई दे तो इसकी सूचना पुलिस को दें।
इसके लिए टोल-फ्री नंबर 1800-233-1905 जारी किया गया है।
❓ अब सबसे बड़ा सवाल
1,162 लोगों की जांच में 23 संदिग्ध कैसे सामने आए?
इन 23 लोगों के दस्तावेज किस स्तर पर फर्जी पाए गए?
उनके दस्तावेज जारी करने वाली एजेंसियों की भी जांच होगी?
पश्चिम बंगाल में बताए गए पते कितने सही निकले?
अंतिम नागरिकता सत्यापन के बाद इन पर क्या कार्रवाई होगी?
क्या बिलासपुर में ऐसे और लोगों की पहचान की जाएगी?
