प्रश्नकाल समाप्त होते ही कैबिनेट की बैठक शुरू, मंजूरी के बाद पेश होगा साय सरकार का तीसरा बजट

प्रश्नकाल समाप्त होते ही कैबिनेट की बैठक शुरू, मंजूरी के बाद पेश होगा साय सरकार का तीसरा बजट

रायपुर: छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के दूसरे दिन प्रश्नकाल समाप्त होने के बाद राज्य मंत्रिमंडल की अहम बैठक शुरू हो गई है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में वित्त वर्ष 2026-27 के बजट प्रस्ताव को अंतिम मंजूरी दी जाएगी। कैबिनेट की स्वीकृति के बाद वित्त मंत्री ओपी चौधरी निर्धारित समय पर विधानसभा में बजट पेश करेंगे। यह साय सरकार का तीसरा बजट होगा।
प्रश्नकाल में उठे कई अहम मुद्दे
सदन की कार्यवाही के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के विधायकों ने सरकार से विभिन्न जनहित से जुड़े सवाल पूछे। मरवाही क्षेत्र में गोबर खाद खरीदी में कथित अनियमितताओं का मुद्दा कांग्रेस विधायक दलेश्वर साहू ने उठाया। उन्होंने खरीद प्रक्रिया में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की।
इस पर वन मंत्री केदार कश्यप ने बताया कि फर्जी हस्ताक्षर की शिकायत मिलने के बाद तीन सदस्यीय जांच समिति गठित की गई है और रिपोर्ट आने के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। हालांकि विपक्ष ने जांच प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए सदन में विरोध दर्ज कराया।
बिलासपुर में मोबाइल टावरों पर चिंता
बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला ने बिलासपुर में जर्जर मकानों की छतों पर लगाए गए मोबाइल टावरों और संभावित रेडिएशन खतरे का मुद्दा उठाया। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जवाब देते हुए कहा कि अब तक रेडिएशन से प्रतिकूल प्रभाव को लेकर कोई ठोस वैज्ञानिक अध्ययन सामने नहीं आया है। उन्होंने शिकायत मिलने पर परीक्षण कराने की बात भी कही।
आज पेश होगा राज्य का बजट
बजट सत्र के दूसरे दिन दोपहर में राज्य का बजट विधानसभा में प्रस्तुत किया जाएगा। नई विधानसभा भवन में पेश होने वाला यह बजट प्रदेश के विकास रोडमैप से जुड़ा अहम दस्तावेज माना जा रहा है।
“विकसित छत्तीसगढ़” पर सरकार का फोकस
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आगामी बजट समावेशी विकास, सुशासन और जनकल्याण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम होगा। सरकार का लक्ष्य किसानों, युवाओं, महिलाओं, गरीबों और आदिवासी समाज को सशक्त बनाते हुए राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूत करना है।
सरकार के अनुसार यह बजट बुनियादी ढांचे के विस्तार, रोजगार सृजन, कृषि उन्नयन और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं को नई गति देगा तथा “सुशासन से समृद्धि” के विज़न को आगे बढ़ाएगा।