September 20, 2026

कोरबा जिले के वाद्य यंत्र कलाकारों की बैठक, पारिश्रमिक को लेकर बड़ा फैसला

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Korba जिले के वाद्य यंत्र कलाकारों ने एकजुट होकर अपनी जायज़ मांगों को सार्वजनिक रूप से रखा। कलाकारों ने स्पष्ट कहा कि अब वे अपनी कला से समझौता नहीं करेंगे और कम पारिश्रमिक में किसी भी कार्यक्रम में प्रस्तुति नहीं देंगे।

बैठक में कलाकारों ने सर्वसम्मति से निम्नलिखित निर्णय लिए—

जिले के भीतर आयोजित चार घंटे के कार्यक्रम के लिए प्रत्येक वाद्य यंत्र कलाकार को ₹2000 से ₹2500 पारिश्रमिक देना अनिवार्य होगा।

यदि कार्यक्रम तय समय से अधिक चलता है, तो अतिरिक्त समय का अलग से भुगतान किया जाएगा।

यदि कलाकारों को जिले से बाहर कार्यक्रम के लिए बुलाया जाता है, तो उसका पारिश्रमिक अलग से तय किया जाएगा।

यदि कलाकारों को छत्तीसगढ़ राज्य के अन्य जिलों में कार्यक्रम के लिए बुलाया जाता है, तो प्रत्येक कलाकार को कम से कम ₹4000 पारिश्रमिक देना अनिवार्य होगा।

जिले में आयोजित किसी भी सांस्कृतिक, धार्मिक या निजी कार्यक्रम में आयोजकों को इन निर्धारित दरों का पालन करना होगा।

कलाकारों का कहना है कि लंबे समय से उन्हें उनकी कला के अनुरूप उचित पारिश्रमिक नहीं मिल रहा था, जिससे आर्थिक और सामाजिक रूप से कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था। अब सभी कलाकार एकजुट होकर अपनी कला का सम्मान और उचित मेहनताना सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

कलाकारों ने चेतावनी दी है कि यदि निर्धारित पारिश्रमिक का पालन नहीं किया गया, तो वे सामूहिक रूप से ऐसे कार्यक्रमों में भाग नहीं लेंगे।

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