बिहार की राजनीति में मंगलवार को एक अहम घटनाक्रम देखने को मिला। राज्य सरकार में मंत्री रहे नितिन नबीन ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया, जिसे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने स्वीकार कर लिया है। यह फैसला भारतीय जनता पार्टी की “एक व्यक्ति, एक पद” नीति के तहत लिया गया है।
भाजपा ने नितिन नबीन को संगठन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी है। उन्हें पार्टी का राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। संगठनात्मक दायित्व मिलने के बाद उन्होंने स्वेच्छा से राज्य सरकार के मंत्री पद से अलग होने का निर्णय लिया।
नितिन नबीन के पास बिहार सरकार में पथ निर्माण विभाग और नगर विकास एवं आवास विभाग जैसे अहम मंत्रालयों की जिम्मेदारी थी। उनके इस्तीफे के तुरंत बाद सरकार ने विभागों का पुनर्वितरण कर दिया। अब नगर विकास एवं आवास विभाग की जिम्मेदारी विजय सिन्हा को सौंपी गई है, जबकि पथ निर्माण विभाग का प्रभार दिलीप जायसवाल को दिया गया है।
भाजपा संगठन में हुआ यह बदलाव राष्ट्रीय स्तर पर चल रही नेतृत्व पुनर्संरचना का हिस्सा माना जा रहा है। लोकसभा चुनाव से पहले पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा का कार्यकाल समाप्त होने के बाद संगठन में नई भूमिका और जिम्मेदारियों को लेकर मंथन तेज हुआ था। इसी क्रम में नए नेतृत्व को आगे लाने की प्रक्रिया शुरू की गई है।
पार्टी सूत्रों के मुताबिक, नितिन नबीन को मिली नई जिम्मेदारी आगामी चुनावों और संगठनात्मक मजबूती के लिहाज से बेहद अहम मानी जा रही है। संगठन और प्रशासन दोनों क्षेत्रों में उनके लंबे अनुभव को देखते हुए भाजपा नेतृत्व ने उन पर भरोसा जताया है। माना जा रहा है कि उनके नेतृत्व में पार्टी संगठन को और अधिक मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।






