October 1, 2026

कुसमुंडा खदान में मजदूरों का शोषण चरम पर, रवि एनर्जी ग्रुप पर गंभीर आरोप — 10 दिन के आंदोलन के बाद भी हालात जस के तस

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कोरबा। कुसमुंडा खदान में सैंपलिंग कार्य करने वाले मजदूरों का शोषण लगातार बढ़ता जा रहा है। रवि एनर्जी ग्रुप पर आरोप है कि वह अपने कामगारों को दिहाड़ी मजदूरों से भी कम पेमेंट दे रहा है। यही वजह है कि कर्मचारियों ने 10 दिन पहले हड़ताल शुरू की थी, लेकिन ठेकेदार पुष्पेंद्र द्वारा सुधार के लिए मांगा गया समय पूरा होने के बाद भी परिस्थितियों में कोई परिवर्तन नहीं हुआ है।

मजदूरों ने कंपनी रवि एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड को जिम्मेदार ठहराते हुए अपनी प्रमुख मांगें सामने रखी थीं, जिन पर अब तक अमल नहीं किया गया है। उनकी मुख्य माँगें इस प्रकार हैं—

मजदूरों की प्रमुख माँगें

  1. वेतन का भुगतान HPC दरों के अनुसार किया जाए।
  2. सभी कर्मचारियों को PSIC सुविधा उपलब्ध कराई जाए।
  3. हर महीने वेतन पर्ची जारी की जाए।
  4. वेतन महीने की 10 तारीख तक अनिवार्य रूप से दिया जाए।
  5. माह में 26 दिन ड्यूटी सुनिश्चित की जाए।
  6. बोनस का भुगतान Bonus Act 1965 के तहत किया जाए।
  7. घर के नजदीक कार्यस्थल दिया जाए ताकि आने-जाने में परेशानी न हो।
  8. हर वर्ष नियमों के अनुसार वेतन वृद्धि की जाए।
  9. समय-समय पर जरूरी सेफ्टी उपकरण उपलब्ध कराए जाएं।

कामगारों का कहना है कि इन मांगों पर आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। मजदूरों में असंतोष बढ़ता जा रहा है और हड़ताल लंबी खिंचने से उत्पादन पर भी असर पड़ने की आशंका है।

यह पूरा मामला अब मजदूरों के हक और ठेकेदारों की मनमानी को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। कर्मचारियों का आज भी हड़ताल जारी है।