यह फिल्म डायरेक्टर विवेक रंजन अग्निहोत्री की “Files Trilogy” की तीसरी कड़ी है, जिसमें Direct Action Day (16 अगस्त 1946) और नोआखली दंगों जैसी भयानक ऐतिहासिक घटनाओं को दिखाया गया है ।
कहानी में एक CBI अधिकारी, शिव आलोक पंडित (Darshan Kumar), एक पत्रकार के गायब होने की जांच करता है और उसी दौरान इन ऐतिहासिक घटनाओं की ओर ध्यान जाता है ।
फिल्म का उद्देश्य उन हिंसात्मक घटनाओं को “जनसंहार” के रूप में प्रस्तुत करना है, जिन्हें कथित रूप से इतिहास में दबाया गया या अनदेखा किया गया था ।
चालू कथानक और इतिहास का मिश्रण इसे एक राजनैतिक-मनोरंजक थ्रिलर बनाता है।
क्यों यह देखें? (अच्छे पहलू)
कारण विवरण
इतिहास की अनकही कहानी फ़िल्म बंगाल के विभाजन के दौरान हुई घटनाओं को एक नए दृष्टिकोण से पेश करती है—जो अक्सर ध्यान से बाहर रह जाती हैं ।
भावनात्मक और साहसी प्रस्तुति कुछ दर्शकों ने इसे एक “शक्तिशाली, रूह हिला देने वाली” फिल्म बताया है ।
कलात्मक साहस फिल्म का लंबा रन-टाइम (204 मिनट) और अडिग दृष्टिकोण इसे सिनेमा के परंपरागत ढांचे से हटकर बनाता है ।








