September 14, 2026

20 अगस्त को कुसमुंडा खदान महाबंद, 15 से अधिक गांवों के भूविस्थापित किसान होंगे शामिल

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कोरबा। कुसमुंडा क्षेत्र के भूविस्थापित किसानों ने रोजगार और पुनर्वास से जुड़ी 9 सूत्रीय मांगों को लेकर 20 अगस्त को खदान बंद और कार्यालय घेराव का ऐलान किया है। छत्तीसगढ़ किसान सभा और भूविस्थापित रोजगार एकता संघ के नेतृत्व में चल रहे इस आंदोलन में 15 से अधिक प्रभावित गांवों के किसान शामिल होंगे।दरअसल, 13 अगस्त को कटघोरा एसडीएम कार्यालय का घेराव करने के बावजूद जब मांगों पर कोई ठोस कार्यवाही नहीं हुई, तो किसान संगठनों ने महाबंद की घोषणा की। प्रभावित किसानों का कहना है कि 40 साल पहले हजारों एकड़ भूमि अधिग्रहित की गई थी, लेकिन आज भी अधिकांश किसानों को रोजगार, मुआवजा, जमीन का पट्टा और बसावट की सुविधाएं नहीं मिली हैं।कुसमुंडा धरना स्थल पर हुई बैठक में आंदोलन को सफल बनाने की रणनीति बनाई गई। किसान सभा के प्रदेश संयुक्त सचिव प्रशांत झा ने कहा कि “भूविस्थापितों की बर्बादी के खिलाफ किसान सभा हर कदम पर साथ खड़ी है।” वहीं किसान सभा के अध्यक्ष जवाहर सिंह कंवर, जय कौशिक, दीपक साहू सहित अन्य नेताओं ने प्रशासन और एसईसीएल पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि भूविस्थापितों के धैर्य की अब सीमा समाप्त हो चुकी है।भूविस्थापित रोजगार एकता संघ के अध्यक्ष रेशम यादव और नेता दामोदर श्याम, सुमेंद्र सिंह, रघु यादव ने भी सभी प्रभावित किसानों से 20 अगस्त के खदान बंद आंदोलन को सफल बनाने की अपील की। महिलाओं की बड़ी भागीदारी के साथ आंदोलन को आम जनता का भी समर्थन मिल रहा है।

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