🚨 कोरबा में फिर ठगों का आतंक!पुलिस बनकर लूटी सोने की अंगूठियांमहिला से चेन स्नेचिंग की कोशिश
कोरबा में ‘ईरानी गिरोह’ की दस्तक? पुलिस बनकर बुजुर्ग से सोने की अंगूठियां ठगी, महिला से चेन स्नेचिंग की कोशिश
कोरबा। शहर में बाइक सवार बदमाशों ने एक ही दिन में ठगी और चेन स्नेचिंग की दो घटनाओं को अंजाम देने की कोशिश की। दर्री थाना क्षेत्र में पुलिसकर्मी बनकर 65 वर्षीय बुजुर्ग से दो सोने की अंगूठियां ठगी गईं, जबकि सिविल लाइन रामपुर क्षेत्र में मॉर्निंग वॉक पर निकली महिला के गले से चेन खींचने का प्रयास किया गया। दोनों मामलों में पुलिस जांच कर रही है।
पुलिस चेकिंग का डर दिखाकर उतरवाईं अंगूठियां
पहली घटना दर्री थाना क्षेत्र के प्रगतिनगर रोड स्थित CISF फायर ऑफिस के पास की बताई गई है। रिपोर्टों के अनुसार, 65 वर्षीय धागाराम कर्ष अपनी पत्नी रामवती के साथ बाइक से बलगी जा रहे थे। इसी दौरान बाइक सवार दो युवकों ने उन्हें रोककर खुद को पुलिसकर्मी बताया और आगे चेकिंग चलने की बात कहते हुए सोने के जेवर उतारकर सुरक्षित रखने की सलाह दी।
बदमाशों की बातों में आकर धागाराम ने हाथ की दो सोने की अंगूठियां उतार लीं। आरोपियों ने अंगूठियों को देखने/जांच के बहाने अपने कब्जे में लिया और मौका पाकर बाइक से फरार हो गए। दोनों अंगूठियों की कीमत करीब 80 हजार रुपये बताई गई है। मामले में पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
मॉर्निंग वॉक पर महिला से चेन खींचने की कोशिश
दूसरी घटना सिविल लाइन रामपुर थाना क्षेत्र के एमपी नगर मुख्य मार्ग की है। रिपोर्ट के मुताबिक, शिवाजी नगर निवासी कांता बनवाल अपनी बेटी के साथ मॉर्निंग वॉक पर जा रही थीं। इसी दौरान बाइक सवार दो युवकों ने उनके गले से चेन खींचने का प्रयास किया।
अचानक हुए प्रयास में महिला सड़क पर गिर गईं, लेकिन चेन नहीं टूटी और बदमाश मौके से फरार हो गए। सूचना मिलने पर पुलिस टीम ने घटनास्थल का जायजा लिया और जांच शुरू की।
एक महीने में तीसरी ऐसी वारदात
रिपोर्ट के अनुसार, करीब एक महीने पहले निहारिका टॉकीज के पास भी चेकिंग के नाम पर एक बुजुर्ग से सोने की चेन उतरवाकर ले जाने की घटना सामने आई थी। नए मामलों के बाद पुलिस आसपास के CCTV फुटेज खंगालकर आरोपियों की पहचान करने में जुटी है।
महत्वपूर्ण: आपके दिए मसौदे में इसे “ईरानी गिरोह” कहा गया है, लेकिन उपलब्ध पुलिस/मीडिया रिपोर्टों में आरोपियों को इस नाम से आधिकारिक तौर पर चिन्हित किए जाने की पुष्टि नहीं मिली। इसलिए प्रकाशित खबर में ‘कथित ईरानी गिरोह’ या ‘ईरानी गिरोह से जोड़कर चर्चा’ जैसी भाषा रखना अधिक सुरक्षित रहेगा।
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