55 करोड़ की ठगी के आरोपियों को पकड़ने दिल्ली गई पुलिस टीम पर बड़ी कार्रवाई, TI समेत 8 निलंबित
बिना अनुमति प्लेन से दिल्ली जाना पड़ा भारी, पीड़ित व्यापारी के पैसों से टिकट कराने का आरोप; जांच में 5 हवाई यात्राओं समेत कई अनियमितताएं सामने आईं
कोरबा। 55 करोड़ रुपये की कथित ठगी के आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दिल्ली गई कटघोरा पुलिस टीम पर बड़ी कार्रवाई हुई है। निर्धारित प्रक्रिया और उच्च अधिकारियों की अनुमति के बिना हवाई यात्रा करने के मामले में कटघोरा थाना प्रभारी निरीक्षक मोती बी. पटेल समेत 8 पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है।
यह कार्रवाई बिलासपुर रेंज के आईजी द्वारा जांच के बाद की गई है।
✈️ आरोपियों को पकड़ने दिल्ली जाना था, लेकिन ट्रेन की जगह प्लेन से पहुंचे
मामला एक JCB एजेंसी के नाम पर व्यापारी से कथित 55 करोड़ रुपये की ठगी से जुड़ा बताया जा रहा है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए कटघोरा पुलिस की टीम को दिल्ली भेजा गया था।
बताया गया है कि पुलिस टीम को नियमानुसार ट्रेन से यात्रा करने के निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद थाना प्रभारी एम.बी. पटेल के नेतृत्व में पुलिसकर्मियों ने कथित तौर पर हवाई यात्रा की।
आरोप है कि फ्लाइट टिकट के लिए पीड़ित व्यापारी द्वारा उपलब्ध कराए गए पैसों का इस्तेमाल किया गया।
🔍 उच्च अधिकारियों तक पहुंची जानकारी, शुरू हुई जांच
पुलिस टीम की हवाई यात्रा की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचने के बाद मामले की जांच कराई गई।
प्रारंभिक जांच में बिना अनुमति हवाई यात्रा करने और निर्धारित शासकीय प्रक्रिया का पालन नहीं करने की अनियमितता सामने आने की बात कही गई है।
जांच में 5 हवाई यात्राओं समेत अन्य अनियमितताएं सामने आने की जानकारी भी दी गई है।
सभी के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की गई है।
⚠️ 55 करोड़ की ठगी से शुरू हुआ मामला, अब पुलिस कार्रवाई तक पहुंचा
एक तरफ पुलिस 55 करोड़ रुपये की कथित ठगी के आरोपियों को पकड़ने के लिए दिल्ली तक पहुंची थी, वहीं दूसरी तरफ पुलिस टीम की यात्रा और खर्च की प्रक्रिया ही जांच के घेरे में आ गई।
अब इस मामले में बड़ा सवाल यह है कि पुलिस टीम ने बिना अनुमति हवाई यात्रा क्यों की और यात्रा का खर्च किस स्रोत से किया गया?
इन सवालों के जवाब विभागीय जांच में सामने आने की उम्मीद है।
🔴 बड़ा सवाल
क्या आरोपी की गिरफ्तारी के लिए जल्दबाजी में नियमों को दरकिनार किया गया?
या फिर पुलिस टीम को हवाई यात्रा की अनुमति/व्यय से संबंधित कोई ऐसी जानकारी थी, जो जांच के दौरान सामने नहीं आई?
फिलहाल वरिष्ठ अधिकारियों की कार्रवाई के बाद मामला विभागीय जांच के दायरे में है।
