रायगढ़, एजेंसी।
छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में JPL कोयला खदान के विरोध में चल रहे धरना-प्रदर्शन ने शनिवार को हिंसक रूप ले लिया। तमनार थाना क्षेत्र के सीएचपी चौक पर प्रदर्शनकारियों को हटाने पहुंची पुलिस टीम पर ग्रामीणों ने पथराव कर दिया। इस दौरान महिला थाना प्रभारी कमला पुषाम के साथ महिलाओं द्वारा मारपीट की गई, जिसमें वे घायल हो गईं। उपद्रवियों ने तीन वाहनों में आग भी लगा दी।
जानकारी के अनुसार, JPL कोयला खदान की प्रस्तावित जनसुनवाई के खिलाफ 14 गांवों के ग्रामीण बीते 15 दिनों से धरने पर बैठे हैं। तनावपूर्ण हालात को देखते हुए पुलिस बल तैनात किया गया था। सुबह पुलिस द्वारा 35 से 40 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिए जाने के बाद स्थिति और बिगड़ गई। हिरासत में लिए गए लोगों में राधेश्याम शर्मा का नाम भी बताया जा रहा है।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, पुलिस जब कोयला खदान से जुड़ी गाड़ियों को आगे बढ़ा रही थी, तभी खुरुसलेंगा इलाके में एक भारी वाहन की चपेट में आने से एक ग्रामीण घायल हो गया। इसी घटना से आक्रोशित भीड़ भड़क उठी और पुलिस पर हमला कर दिया गया।
झड़प के दौरान तमनार थाना प्रभारी कमला पुषाम हालात को शांत कराने की कोशिश कर रही थीं, तभी आक्रोशित महिलाओं ने उनके साथ मारपीट की और लात मार दी, जिससे वे जमीन पर गिर गईं। पथराव में वे घायल हो गईं, जिन्हें तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया। घटना से जुड़े वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं, जिनमें एक ओर मारपीट और दूसरी ओर वही महिलाएं उन्हें पानी पिलाती नजर आ रही हैं।
उपद्रव के दौरान प्रदर्शनकारियों ने तीन वाहनों को आग के हवाले कर दिया। इनमें से एक वाहन एसडीएम का बताया जा रहा है, हालांकि प्रशासन ने इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। घटना के बाद इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है और बाहरी लोगों की आवाजाही पर रोक लगा दी गई है।
रायगढ़ के DSP सुशांतो बनर्जी ने बताया कि वरिष्ठ अधिकारी मौके पर मौजूद हैं और हालात पर कड़ी नजर रखी जा रही है। प्रशासन का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।











