July 30, 2026

नहीं चला ट्रंप का टैरिफ वार, भारतीय अर्थव्यवस्था ने दिखाई दमखम, GDP में 7.8% की छलांगनहीं चला ट्रंप का टैरिफ वार, भारतीय अर्थव्यवस्था ने दिखाई दमखम, GDP में 7.8% की छलांग

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नई दिल्ली। भारतीय अर्थव्यवस्था ने एक बार फिर मजबूती का सबूत दिया है। चालू वित्त वर्ष 2025-26 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) में भारत की GDP (सकल घरेलू उत्पाद) 7.8% की रफ्तार से बढ़ी है। यह वृद्धि दर न केवल उम्मीद से बेहतर रही बल्कि पिछले पाँच तिमाहियों में सबसे अधिक भी है।

चीन से तेज बढ़ी भारतीय अर्थव्यवस्था

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ने वाली बड़ी अर्थव्यवस्था बनी हुई है। जहां इसी अवधि में चीन की GDP वृद्धि दर 5.2% रही, वहीं भारत ने 7.8% की मजबूत छलांग लगाकर अपनी पकड़ और मजबूत कर ली है।

कृषि और सेवा क्षेत्र बने सहारा

राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) के ताज़ा आंकड़ों के मुताबिक, कृषि क्षेत्र ने 3.7% की बढ़ोतरी दर्ज की। वहीं व्यापार, होटल, वित्तीय सेवाओं और रियल एस्टेट जैसे क्षेत्रों ने भी आर्थिक वृद्धि को मजबूती दी।
विनिर्माण क्षेत्र की विकास दर भी मामूली रूप से बढ़कर 7.7% रही, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह 7.6% थी।

RBI और विशेषज्ञों का अनुमान

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए औसतन 6.5% GDP ग्रोथ का अनुमान जताया था। तिमाहीवार अनुमान इस प्रकार हैं –

पहली तिमाही: 6.5%

दूसरी तिमाही: 6.7%

तीसरी तिमाही: 6.6%

चौथी तिमाही: 6.3%

हालांकि वास्तविक आंकड़े उम्मीद से कहीं बेहतर निकले हैं।

इक्रा की मुख्य अर्थशास्त्री अदिति नायर ने कहा कि पहली तिमाही का प्रदर्शन मजबूत रहा, लेकिन आगामी महीनों में अमेरिकी टैरिफ और निर्यात पर दबाव की वजह से वृद्धि दर में थोड़ी कमी आ सकती है। इसके बावजूद पूरे वित्त वर्ष के लिए GDP अनुमान 6% पर बरकरार है।

रिकॉर्ड स्तर पर पहुँची भारतीय GDP

वित्त वर्ष 2025-26 की पहली तिमाही में स्थिर मूल्यों पर GDP 47.89 लाख करोड़ रुपये आंकी गई है।

पिछले वर्ष इसी तिमाही में यह आंकड़ा 44.42 लाख करोड़ रुपये था।

मौजूदा मूल्यों पर GDP 86.05 लाख करोड़ रुपये रही, जबकि पिछले वर्ष यह 79.08 लाख करोड़ रुपये थी।

यानी मौजूदा मूल्यों पर GDP में 8.8% की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

निचोड़

भारत ने साबित कर दिया है कि अमेरिकी टैरिफ और वैश्विक आर्थिक दबावों के बावजूद उसकी अर्थव्यवस्था मजबूती से आगे बढ़ रही है। 7.8% की GDP ग्रोथ न सिर्फ उम्मीदों से बेहतर है बल्कि यह संदेश भी देती है कि भारत आने वाले समय में भी वैश्विक अर्थव्यवस्था में अपनी मजबूत स्थिति बनाए रखेगा।

नई दिल्ली। भारतीय अर्थव्यवस्था ने एक बार फिर मजबूती का सबूत दिया है। चालू वित्त वर्ष 2025-26 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) में भारत की GDP (सकल घरेलू उत्पाद) 7.8% की रफ्तार से बढ़ी है। यह वृद्धि दर न केवल उम्मीद से बेहतर रही बल्कि पिछले पाँच तिमाहियों में सबसे अधिक भी है।

चीन से तेज बढ़ी भारतीय अर्थव्यवस्था

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ने वाली बड़ी अर्थव्यवस्था बनी हुई है। जहां इसी अवधि में चीन की GDP वृद्धि दर 5.2% रही, वहीं भारत ने 7.8% की मजबूत छलांग लगाकर अपनी पकड़ और मजबूत कर ली है।

कृषि और सेवा क्षेत्र बने सहारा

राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) के ताज़ा आंकड़ों के मुताबिक, कृषि क्षेत्र ने 3.7% की बढ़ोतरी दर्ज की। वहीं व्यापार, होटल, वित्तीय सेवाओं और रियल एस्टेट जैसे क्षेत्रों ने भी आर्थिक वृद्धि को मजबूती दी।
विनिर्माण क्षेत्र की विकास दर भी मामूली रूप से बढ़कर 7.7% रही, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह 7.6% थी।

RBI और विशेषज्ञों का अनुमान

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए औसतन 6.5% GDP ग्रोथ का अनुमान जताया था। तिमाहीवार अनुमान इस प्रकार हैं –

पहली तिमाही: 6.5%

दूसरी तिमाही: 6.7%

तीसरी तिमाही: 6.6%

चौथी तिमाही: 6.3%

हालांकि वास्तविक आंकड़े उम्मीद से कहीं बेहतर निकले हैं।

इक्रा की मुख्य अर्थशास्त्री अदिति नायर ने कहा कि पहली तिमाही का प्रदर्शन मजबूत रहा, लेकिन आगामी महीनों में अमेरिकी टैरिफ और निर्यात पर दबाव की वजह से वृद्धि दर में थोड़ी कमी आ सकती है। इसके बावजूद पूरे वित्त वर्ष के लिए GDP अनुमान 6% पर बरकरार है।

रिकॉर्ड स्तर पर पहुँची भारतीय GDP

वित्त वर्ष 2025-26 की पहली तिमाही में स्थिर मूल्यों पर GDP 47.89 लाख करोड़ रुपये आंकी गई है।

पिछले वर्ष इसी तिमाही में यह आंकड़ा 44.42 लाख करोड़ रुपये था।

मौजूदा मूल्यों पर GDP 86.05 लाख करोड़ रुपये रही, जबकि पिछले वर्ष यह 79.08 लाख करोड़ रुपये थी।

यानी मौजूदा मूल्यों पर GDP में 8.8% की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

निचोड़

भारत ने साबित कर दिया है कि अमेरिकी टैरिफ और वैश्विक आर्थिक दबावों के बावजूद उसकी अर्थव्यवस्था मजबूती से आगे बढ़ रही है। 7.8% की GDP ग्रोथ न सिर्फ उम्मीदों से बेहतर है बल्कि यह संदेश भी देती है कि भारत आने वाले समय में भी वैश्विक अर्थव्यवस्था में अपनी मजबूत स्थिति बनाए रखेगा।

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