FIR से चार्जशीट तक: पुलिस जांच कैसे होती है? जानिए स्टेप बाय स्टेप

FIR से चार्जशीट तक: पुलिस जांच कैसे होती है? जानिए स्टेप बाय स्टेप

FIR दर्ज होने के बाद पुलिस जांच की प्रक्रिया

1. FIR का मतलबFIR यानी First Information Report – मतलब सबसे पहली बार अपराध की जानकारी पुलिस को देना। FIR दर्ज होते ही अपराध की जांच शुरू हो जाती है।

—2. FIR दर्ज होने के बाद सबसे पहले क्या होता है?👉

पुलिस सबसे पहले उस अपराध की जानकारी अपने वरिष्ठ अधिकारियों को देती है।👉 फिर उस केस की जांच (Investigation) की जिम्मेदारी एक जांच अधिकारी (IO – Investigating Officer) को दी जाती है।

—3. घटना स्थल पर पहुंचना👉

FIR दर्ज होने के बाद पुलिस तुरंत घटनास्थल (Spot) पर जाती है।👉 वहां से सबूत (Evidence) इकट्ठा किए जाते हैं – जैसे खून के धब्बे, हथियार, कार, गाड़ी, कपड़े, CCTV फुटेज, मोबाइल लोकेशन आदि।-

–4. गवाहों के बयान लेना👉

जो लोग घटना के समय मौजूद थे या घटना के बारे में जानते हैं, उनसे पूछताछ करके उनका बयान (Statement) लिखा जाता है।

👉 यह बयान पुलिस धारा 161 CrPC के तहत दर्ज करती है।-

5. संदिग्ध या आरोपी की तलाश👉

पुलिस मुखबिर, तकनीकी टीम, कॉल डिटेल, सोशल मीडिया और CCTV फुटेज की मदद से आरोपी को ढूंढती है।👉 अगर आरोपी पकड़ में आ जाता है तो उसे गिरफ्तार (Arrest) कर लिया जाता है।

—6. आरोपी से पूछताछ👉

आरोपी को हिरासत में लेकर उससे पूछताछ की जाती है।👉 पूछताछ के दौरान पुलिस आरोपी से घटनास्थल की निशानदेही (Spot Identification) करवा सकती है।👉 अगर आरोपी बताता है कि उसने हथियार कहां छुपाया है, तो पुलिस वहां जाकर बरामदगी (Recovery) करती है।

—7. मेडिकल जांच👉

अगर मामला हत्या, बलात्कार, चोट या जहरखोरी का है, तो पुलिस मेडिकल एग्जामिनेशन (FSL और डॉक्टर की रिपोर्ट) करवाती है।👉 इससे केस में मजबूत सबूत मिलते हैं।

—8. चार्जशीट दाखिल करना👉

सारी जांच पूरी होने के बाद पुलिस सबूतों और गवाहों के आधार पर आरोपी के खिलाफ चार्जशीट (Charge Sheet) तैयार करती है।👉 यह चार्जशीट कोर्ट में पेश की जाती है।👉 उसके बाद केस की सुनवाई शुरू होती है।

—9. अगर सबूत न मिले?👉

अगर पर्याप्त सबूत नहीं मिले तो पुलिस Final Report दाखिल करती है और केस बंद कर दिया जाता है।—