कोरबाछत्तीसगढ़

30 गांवों की जीवनरेखा बनी सड़क पर भारी कोयला वाहनों के संचालन का विरोध, 18 पार्षदों ने SECL को सौंपा ज्ञापन

कोरबा/बांकीमोंगरा। नगर पालिका परिषद बांकीमोंगरा के वार्ड क्रमांक 22 की पार्षद आशा साहू सहित कुल 18 पार्षदों ने SECL कुसमुंडा परियोजना प्रबंधन के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए आदर्श नगर-कुसमुंडा बायपास मार्ग पर भारी कोयला वाहनों के संचालन का विरोध किया है। इस संबंध में मुख्य महाप्रबंधक, SECL कुसमुंडा को ज्ञापन सौंपकर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की गई है।

ज्ञापन में बताया गया है कि यह सड़क शांति नगर, आदर्श नगर, चनचनी, गेवरा बस्ती, बरपाली, नरईबोध, सिलीदह, सतलोई, केसला, बरसाही सहित लगभग 30 गांवों के हजारों लोगों के लिए कोरबा आने-जाने का प्रमुख मार्ग है। रेलवे फाटक के अक्सर बंद रहने के कारण क्षेत्रवासियों के लिए यही सड़क सबसे सुविधाजनक और महत्वपूर्ण आवागमन मार्ग बन गई है।

पार्षद आशा साहू ने आरोप लगाया कि SECL प्रबंधन द्वारा कुछ निजी कंपनियों के भारी-भरकम हाइवा एवं ट्रेलर वाहनों को इस मार्ग से संचालित करने की अनुमति दी जा रही है। उनका कहना है कि यह सड़क आम नागरिकों की सुविधा और सुरक्षित आवागमन के लिए बनाई गई है, ऐसे में भारी वाहनों की आवाजाही से दुर्घटनाओं की आशंका कई गुना बढ़ जाएगी।

ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि रेलवे ओवरब्रिज के नीचे लक्ष्मण नाला पर स्थित पुल जर्जर अवस्था में है तथा वहां एक खतरनाक मोड़ भी मौजूद है। ऐसी स्थिति में भारी कोयला वाहनों का संचालन किसी बड़े हादसे को न्योता दे सकता है।

इसके अलावा पार्षदों ने सड़क किनारे निवासरत कुछ परिवारों के मकान खाली कराए जाने और अब तक उचित मुआवजा नहीं दिए जाने का मुद्दा भी उठाया है। उन्होंने प्रभावित लोगों को न्यायोचित मुआवजा दिए जाने की मांग की है।

पार्षद आशा साहू एवं अन्य जनप्रतिनिधियों ने SECL प्रबंधन से मांग की है कि 30 गांवों की निस्तारी एवं आवागमन के लिए उपयोग की जा रही इस सड़क पर भारी कोयला वाहनों का संचालन तत्काल बंद किया जाए तथा आम जनता की सुविधा और सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाए।

उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक कार्रवाई नहीं की गई तो ग्रामीणों के साथ मिलकर जनहित में चक्का जाम आंदोलन किया जाएगा, जिसकी समस्त जिम्मेदारी SECL कुसमुंडा प्रबंधन की होगी।

TMN News | कोरबा