छत्तीसगढ़ राज्य मेडिकल सप्लाई कॉर्पोरेशन लिमिटेड (CGMSC) ने स्वास्थ्य सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बड़ी कार्रवाई की है। गुणवत्ता मानकों का उल्लंघन करने पर तीन दवाओं और दो दवा कंपनियों को ब्लैकलिस्ट कर दिया गया है। यह प्रतिबंध अगले तीन साल तक प्रभावी रहेगा।
🚫 इन दवाओं पर लगा प्रतिबंध (CG Drug Blacklist 2025)
CGMSC की जांच में जिन दवाओं की गुणवत्ता मानकों पर खरी नहीं उतरीं, उनमें शामिल हैं:
- Calcium (Elemental) with Vitamin D3 Tablets
- Ornidazole Tablets
- Heparin Sodium 1000 IU/ml Injection IP
इन दवाओं की आपूर्ति करने वाली दो कंपनियां — Pharmasers AG Parenterals और Pharmasers Divine Laboratories — को भी ब्लैकलिस्ट कर दिया गया है।
⚠️ क्यों उठाया गया ये कदम? (CGMSC Drug Ban Reason)
CGMSC की रिपोर्ट के अनुसार, Heparin Injection की NABL प्रमाणित लैब रिपोर्ट अमान्य पाई गई। दवा की गुणवत्ता में कमी पाए जाने के बाद कॉर्पोरेशन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए संबंधित दवाओं और कंपनियों पर रोक लगा दी।
💊 CGMSC का बयान
कॉर्पोरेशन ने कहा कि यह कदम जनस्वास्थ्य की सुरक्षा और दवा गुणवत्ता मानकों को बनाए रखने के लिए उठाया गया है। साथ ही चेतावनी दी गई है कि भविष्य में भी किसी दवा की गुणवत्ता संदिग्ध पाई गई तो संबंधित आपूर्तिकर्ता पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।
📍महत्वपूर्ण सलाह: मरीज और डॉक्टर अब इन ब्लैकलिस्टेड दवाओं का उपयोग करने से बचें और किसी भी दवा के उपयोग से पहले उसकी वैधता अवश्य जांचें।











