October 9, 2026

Surajpur Double Murder Case: मां-बेटी हत्याकांड में 3 दोषियों को फांसी, चौथे को उम्रकैद; कभी कैमरे पर हंसता दिखा था मुख्य आरोपी

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सूरजपुर, छत्तीसगढ़। छत्तीसगढ़ के सूरजपुर में चर्चित मां-बेटी हत्याकांड मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। मामले में मुख्य आरोपी कुलदीप साहू समेत तीन दोषियों को फांसी की सजा सुनाई गई है। वहीं, चौथे दोषी आर्यन विश्वकर्मा को मरते दम तक आजीवन कारावास की सजा दी गई है।

इस मामले ने पूरे छत्तीसगढ़ में सनसनी फैला दी थी। वारदात के बाद लोगों में भारी आक्रोश देखने को मिला था। अब अदालत के फैसले के बाद यह मामला एक बार फिर चर्चा में है।

मां-बेटी की बेरहमी से की गई थी हत्या

यह मामला अक्टूबर 2024 का है। अभियोजन पक्ष के अनुसार, 13 अक्टूबर 2024 को मां-बेटी की हत्या कर दी गई थी। मृतका का पति पुलिस विभाग में हेड कांस्टेबल के पद पर पदस्थ था।

14 अक्टूबर को दोनों के शव बरामद हुए। जांच में सामने आया कि आरोपियों ने साक्ष्य छिपाने के उद्देश्य से शवों को घटनास्थल से लगभग पांच किलोमीटर दूर फेंक दिया था।

जांच में जुटाए गए अहम साक्ष्य

पुलिस ने मामले की जांच के दौरान आरोपियों के फिंगरप्रिंट, कपड़ों पर मिले खून के नमूनों और अन्य साक्ष्यों को आधार बनाया। अभियोजन पक्ष ने अदालत में इन साक्ष्यों के माध्यम से आरोपियों के खिलाफ अपना पक्ष रखा।

वारदात के बाद भड़का था आक्रोश

घटना सामने आने के बाद सूरजपुर में लोगों का गुस्सा फूट पड़ा था। मुख्य आरोपी कुलदीप साहू से जुड़ी गाड़ियों में आगजनी की घटना हुई थी। लोगों ने चक्काजाम कर आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की थी।

मुख्य आरोपी कुलदीप साहू को लेकर भी उस समय काफी चर्चा हुई थी। अब अदालत द्वारा सुनाई गई सजा के बाद यह मामला फिर सुर्खियों में है।

तीन दोषियों को फांसी, एक को उम्रकैद

अदालत ने मामले में तीन दोषियों को मृत्युदंड और चौथे दोषी आर्यन विश्वकर्मा को प्राकृतिक जीवन के अंत तक आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।

मृत्युदंड के मामलों में आगे की न्यायिक प्रक्रिया और अपील का अधिकार भी महत्वपूर्ण होता है। इसलिए अंतिम कानूनी स्थिति संबंधित न्यायालयों के आदेशों पर निर्भर करेगी।

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