August 12, 2026

रजगामार के केसला गांव में खपरैल में छिपा मिला 10 फीट लंबा किंग कोबरा, टॉर्च की रोशनी में हुआ रेस्क्यू

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कोरबा। जिले के रजगामार क्षेत्र के केसला गांव में मंगलवार रात उस समय हड़कंप मच गया, जब एक घर की बाड़ी में रखे खपरैल के ढेर के भीतर करीब 10 फीट लंबा किंग कोबरा दिखाई दिया। विशालकाय सांप को देखकर परिवार के लोग घबरा गए। जिस स्थान पर किंग कोबरा छिपा हुआ था, उसके आसपास ही परिवार का देव स्थल भी मौजूद था। सूचना फैलते ही सांप को देखने के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए।

जानकारी के अनुसार, केसला निवासी मगत राम के घर की बाड़ी में रखे खपरैल के अंदर रात करीब 8 बजे परिवार के सदस्यों की नजर विशालकाय सांप पर पड़ी। नजदीक जाकर देखने पर उसके किंग कोबरा होने की जानकारी सामने आई। सांप की लंबाई करीब 10 फीट बताई गई। इसके बाद परिवार ने किसी तरह का जोखिम उठाने के बजाय तत्काल वन विभाग को सूचना दी।

मामले की जानकारी वन विभाग के कर्मचारी कमलेश कुम्हार और सूरज सिंदार को दी गई। इसके साथ ही नोवा नेचर वेलफेयर सोसायटी के रेस्क्यू टीम प्रमुख जितेंद्र सारथी को भी सूचना दी गई। सूचना मिलते ही रेस्क्यू की तैयारी शुरू की गई।

बताया गया कि जिस समय किंग कोबरा का रेस्क्यू किया जाना था, उस दौरान पूरे गांव में बिजली नहीं थी। ऐसे में अंधेरे के बीच खपरैल के भीतर छिपे विशालकाय किंग कोबरा को सुरक्षित बाहर निकालना रेस्क्यू टीम के लिए काफी चुनौतीपूर्ण था। थोड़ी सी असावधानी रेस्क्यू टीम और आसपास मौजूद लोगों के लिए जोखिम पैदा कर सकती थी।

वन मंडलाधिकारी प्रेमलता यादव के निर्देश तथा उपवनमंडलाधिकारी रामसिंह राठिया के मार्गदर्शन में वन विभाग और रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची। जितेंद्र सारथी और बॉबी श्रीवास ने आवश्यक सुरक्षा सावधानियों के साथ रेस्क्यू अभियान शुरू किया। टॉर्च की रोशनी में खपरैल के भीतर छिपे किंग कोबरा की स्थिति का पता लगाया गया और काफी मशक्कत के बाद उसे सुरक्षित तरीके से बाहर निकाला गया।

किंग कोबरा को सावधानीपूर्वक रेस्क्यू बैग में रखा गया। इसके बाद वन विभाग द्वारा आवश्यक पंचनामा प्रक्रिया पूरी की गई और उसे उसके प्राकृतिक रहवास वाले जंगल क्षेत्र में सुरक्षित छोड़ दिया गया। सांप के सुरक्षित रेस्क्यू के बाद परिवार और ग्रामीणों ने राहत की सांस ली।

रजगामार प्रभारी कमलेश कुम्हार ने ग्रामीणों से अपील की कि घर, बाड़ी या आसपास किसी भी प्रकार का वन्यजीव दिखाई देने पर उसे मारने या पकड़ने का प्रयास न करें। तत्काल वन विभाग के कर्मचारियों अथवा अधिकृत रेस्क्यू टीम को सूचना दें, ताकि वन्यजीव को सुरक्षित तरीके से रेस्क्यू कर उसके प्राकृतिक आवास में छोड़ा जा सके।

वन्यजीव विशेषज्ञों के अनुसार किंग कोबरा जंगल के पारिस्थितिकी तंत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यह मुख्य रूप से अन्य सांपों का शिकार करता है और इस तरह सांपों की आबादी के प्राकृतिक संतुलन को बनाए रखने में योगदान देता है। इसलिए ऐसे दुर्लभ वन्यजीवों का संरक्षण बेहद जरूरी है।

इस सफल रेस्क्यू अभियान के दौरान केसला के सरपंच, वन विभाग के कर्मचारी, रेस्क्यू टीम के सदस्य और आसपास के गांवों से पहुंचे बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। किंग कोबरा को बिना नुकसान पहुंचाए सुरक्षित जंगल में छोड़े जाने से ग्रामीणों ने वन विभाग और रेस्क्यू टीम के प्रयासों की सराहना की।

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