कोरबा के चैनपुर गांव ने लिया नशा मुक्त समाज का संकल्प, घर-घर जाकर लोगों को किया जागरूक

कोरबा के चैनपुर गांव ने लिया नशा मुक्त समाज का संकल्प, घर-घर जाकर लोगों को किया जागरूक

कोरबा के चैनपुर गांव ने लिया नशा मुक्त समाज का संकल्प, घर-घर जाकर लोगों को किया जागरूक

कोरबा। ग्राम पंचायत चैनपुर में नशा मुक्त ग्राम बनाने का संकल्प लिया गया है। गांव के वरिष्ठजन, पंचायत प्रतिनिधि और सामाजिक कार्यकर्ताओं की मौजूदगी में यह अभियान शुरू हुआ। इस अवसर पर श्री कृष्णा कुमार वर्मा भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए नशे के दुष्परिणामों के बारे में विस्तार से बताया और सभी को इससे दूर रहने का आग्रह किया।

अभियान की शुरुआत गांव के घर-घर जाकर लोगों को समझाने से हुई। ग्रामीणों को शराब न बनाने और उसका सेवन पूरी तरह बंद करने की अपील की गई। अभियान में शामिल लोगों ने साफ कहा कि शराब जैसी कुप्रथा समाज और परिवार दोनों को कमजोर करती है। पंचायत और गांव के जिम्मेदार नागरिकों ने मिलकर यह ठाना है कि अब चैनपुर को “नशा मुक्त गांव” के रूप में पहचान दिलानी है।

इस मुहिम के तहत गांव के लोगों को तीन दिन का समय दिया गया है। इस अवधि में सभी परिवारों को अपने घरों में शराब बनाने की प्रक्रिया को रोकना होगा और समाज के सामने नशा त्यागने का संकल्प लेना होगा। ग्रामीणों को चेतावनी दी गई है कि अगर समय सीमा के भीतर शराब बनाना बंद नहीं किया गया, तो पंचायत और प्रशासनिक स्तर पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

गांव के लोगों का मानना है कि नशा व्यक्ति और उसके परिवार दोनों के लिए हानिकारक है। शराब के सेवन से न केवल आर्थिक नुकसान होता है, बल्कि स्वास्थ्य पर भी गंभीर असर पड़ता है। कई बार नशे की वजह से पारिवारिक विवाद, घरेलू हिंसा और सामाजिक अशांति जैसे हालात पैदा हो जाते हैं। इन्हीं समस्याओं को ध्यान में रखते हुए चैनपुर के लोग अब इस बुराई को पूरी तरह खत्म करने के लिए एकजुट हो गए हैं।

श्री कृष्णा कुमार वर्मा ने इस अवसर पर कहा कि नशा छोड़ना सिर्फ व्यक्ति का नहीं बल्कि पूरे समाज का कल्याण है। अगर एक परिवार नशा छोड़ता है, तो उससे आने वाली पीढ़ी को भी इसका लाभ मिलता है। उन्होंने कहा कि सरकार भी नशा मुक्ति के लिए कई योजनाएं चला रही है, लेकिन जब तक समाज खुद आगे नहीं आएगा तब तक यह संभव नहीं होगा।

गांव के युवाओं ने भी इस पहल का स्वागत किया और आगे बढ़कर सहयोग देने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि वे अपने साथियों को नशा छोड़ने के लिए प्रेरित करेंगे और गांव में खेलकूद व सांस्कृतिक कार्यक्रमों के जरिए सकारात्मक माहौल बनाएंगे।

चैनपुर में चल रहे इस अभियान ने अन्य गांवों के लिए भी एक उदाहरण प्रस्तुत किया है। अगर इसी तरह हर गांव नशा मुक्ति का संकल्प ले, तो समाज से इस बुराई को पूरी तरह खत्म किया जा सकता है।