September 14, 2026

SECL कुसमुंडा खदान में बढ़ी सुरक्षा: बाहरी वाहनों पर प्रतिबंध, RFID सिस्टम से होगी एंट्री

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कोरबा – (SECL) कुसमुंडा क्षेत्र की खदानों में अब सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सख्त किया गया है। खदान क्षेत्र में आए दिन हो रही चोरी और दुर्घटनाओं को रोकने के लिए प्रबंधन ने कई बड़े कदम उठाए हैं। नई व्यवस्था के तहत बाहरी वाहनों की एंट्री पूरी तरह प्रतिबंधित कर दी गई है और सिर्फ अधिकृत वाहनों को ही अंदर जाने की अनुमति मिलेगी।

RFID सिस्टम से होगी गाड़ियों की निगरानी

SECL प्रबंधन ने खदान क्षेत्र में प्रवेश करने वाली सभी गाड़ियों में RFID टैग लगाना अनिवार्य कर दिया है। यह टैग बिल्कुल फास्ट टैग की तरह काम करेगा। जब कोई वाहन खदान के गेट पर पहुंचेगा, तो RFID सिस्टम स्कैनिंग के बाद गेट को स्वचालित रूप से खोल देगा। इस प्रक्रिया से न केवल समय की बचत होगी बल्कि सुरक्षा भी सुनिश्चित की जा सकेगी। प्रबंधन का मानना है कि इससे कोयले की चोरी पर लगाम लगेगी और बाहरी लोगों की अनाधिकृत एंट्री रोकी जा सकेगी।

मोटरसाइकिलों पर भी पूरी तरह रोक

नई सुरक्षा गाइडलाइन के अनुसार अब किसी भी कर्मचारी या व्यक्ति को मोटरसाइकिल से खदान क्षेत्र के अंदर प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा। कंपनी का कहना है कि मोटरसाइकिल से अंदर जाने पर कई बार दुर्घटनाएं और अवैध गतिविधियां सामने आती हैं, इसलिए इसे पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया गया है।

कर्मचारियों के लिए बस सुविधा

कंपनी ने कर्मचारियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए उनके लिए विशेष कंपनी बस सेवा शुरू की है। सभी कर्मचारी अब बस के माध्यम से ही खदान क्षेत्र के अंदर प्रवेश करेंगे। इससे सड़क दुर्घटनाओं पर नियंत्रण होगा और सुरक्षा व्यवस्था और बेहतर होगी।

सुरक्षा और पारदर्शिता पर जोर

SECL प्रबंधन का कहना है कि इन कदमों से खदान क्षेत्र में सुरक्षा का स्तर और अधिक मजबूत होगा। RFID सिस्टम की वजह से अब यह पता लगाया जा सकेगा कि कौन-सी गाड़ी कब और किस समय खदान में दाखिल हुई और बाहर निकली। इससे चोरी और अवैध गतिविधियों पर पूरी तरह से नियंत्रण संभव हो सकेगा।

कर्मचारियों और क्षेत्रवासियों की प्रतिक्रिया

कुसमुंडा क्षेत्र में लागू हुई नई व्यवस्था को लेकर कर्मचारी भी इसे सकारात्मक कदम बता रहे हैं। उनका मानना है कि बस सुविधा से यात्रा आसान होगी और मोटरसाइकिल दुर्घटनाओं का खतरा कम होगा। वहीं स्थानीय लोगों का कहना है कि सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होने से कोयले की चोरी जैसी समस्याओं पर काफी हद तक रोक लग सकेगी।

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