कोरबा की डॉ.पूर्णिमा देवी और डॉ.हबेल सिंह अघरिया को मिला ‘विद्यावाचस्पति’ सारस्वत सम्मान, शिक्षा और समाजसेवा में योगदान के लिए किया गया सम्मानित
कोरबा, छत्तीसगढ़। शिक्षा, हिंदी लेखन और समाजसेवा के क्षेत्र में योगदान के लिए कोरबा जिले की दो प्रतिभाओं को ‘विद्यावाचस्पति’ सारस्वत सम्मान से सम्मानित किए जाने का मामला सामने आया है। पंडित दीनदयाल उपाध्याय हिंदी विद्यापीठ, वृंदावन धाम, मथुरा (उत्तर प्रदेश) के नाम से जारी सम्मान पत्रों में डॉ.श्रीमती पूर्णिमा देवी अधरिया और डॉ.श्री हबेल सिंह अधरिया का नाम दर्ज है।

पूर्णिमा देवी अधरिया को शिक्षण और समाजसेवा के लिए सम्मान
जारी सम्मान पत्र के अनुसार, कोरबा निवासी श्रीमती पूर्णिमा देवी अधरिया को शिक्षण कार्य एवं समाजसेवा के क्षेत्र में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतिष्ठा के आधार पर किए गए शोध कार्यों तथा सामाजिक कार्यों के लिए प्रबंध कार्यकारिणी की अनुशंसा पर ‘विद्यावाचस्पति’ सारस्वत सम्मान प्रदान किया गया है।

हबेल सिंह अधरिया को हिंदी लेखन के लिए सम्मान
इसी तरह, कोरबा निवासी श्री हबेल सिंह अधरिया को हिंदी लेखन, शिक्षण कार्य एवं समाजसेवा के क्षेत्र में किए गए कार्यों के लिए सम्मानित किए जाने का उल्लेख सम्मान पत्र में किया गया है। प्रमाणपत्र में उनके शोध कार्यों और सामाजिक योगदान का भी उल्लेख है।
25 अक्टूबर 2026 को जारी हुए सम्मान पत्र
प्रस्तुत दोनों सम्मान पत्रों पर 25 अक्टूबर 2026 की तारीख अंकित है। प्रमाणपत्रों पर कुलसचिव और कुलपति के हस्ताक्षर भी दिखाई दे रहे हैं।
इन सम्मान पत्रों के सामने आने के बाद दोनों दंपत्ति के योगदान को लेकर चर्चा हो रही है।
TMN News की ओर से दोनों पति पत्नी को शुभकामनाएं।
TMN News | कोरबा की आवाज, छत्तीसगढ़ की खबर।
