September 2, 2026

कुसमुंडा: वैशाली नगर-खम्हरिया में अवैध कब्जे का खेल? मुख्य मार्ग किनारे पेड़ कटने और जमीन खरीद-फरोख्त के आरोप

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🚨 वैशाली नगर-खम्हरिया में अवैध कब्जे का खेल? मुख्य मार्ग किनारे पेड़ कटने और जमीन खरीद-फरोख्त के आरोप

कोरबा। कुसमुंडा क्षेत्र वैशाली नगर-खम्हरिया ग्राम के सामने मुख्य मार्ग पर पेट्रोल पंप के आसपास और बिजली कार्यालय के बाजू में कथित अवैध कब्जे का मामला लगातार गंभीर होता जा रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार क्षेत्र में बड़े पैमाने पर जमीन पर कब्जा करने के साथ पेड़-पौधों की कटाई की जा रही है और कब्जाई गई जमीन की खरीद-फरोख्त किए जाने की भी शिकायतें सामने आ रही हैं।

सबसे गंभीर स्थिति मुख्य मार्ग से लगे उन हिस्सों में बताई जा रही है, जहां देखते ही देखते खाली जमीन पर कब्जे और निर्माण की गतिविधियां बढ़ती जा रही हैं। आरोप है कि जमीन को पहले कब्जे में लिया जाता है, इसके बाद पेड़-पौधों को काटकर जमीन को समतल किया जाता है और फिर उसे बेचने की कोशिश की जाती है।

🌳 पेड़ कट रहे, जिम्मेदार विभाग कहां?

इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल पर्यावरण और वन विभाग की निगरानी को लेकर है। यदि सरकारी/राजस्व/वन भूमि पर बिना अनुमति पेड़ काटे जा रहे हैं तो यह गंभीर विषय है।

स्थानीय लोगों का सवाल है कि—

मुख्य मार्ग के किनारे खुलेआम पेड़ों की कटाई और जमीन पर कब्जे की गतिविधियां चल रही हैं, तो संबंधित विभागों की नजर आखिर क्यों नहीं पड़ रही?

कब्जे के बाद जमीन की खरीद-फरोख्त?

स्थानीय स्तर पर यह भी आरोप लगाया जा रहा है कि कब्जाई गई जमीन को बाद में प्लॉट की तरह बेचने की कोशिश की जा रही है। यदि यह आरोप सही पाया जाता है तो मामला केवल अवैध कब्जे तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि सरकारी/नजूल/वन/राजस्व भूमि की अवैध खरीद-फरोख्त की जांच का विषय भी बन सकता है।

इसलिए प्रशासन को मौके का सीमांकन कर यह स्पष्ट करना चाहिए कि संबंधित जमीन किस विभाग के नाम दर्ज है और वर्तमान में उस पर कब्जा किसके द्वारा किया गया है।

🔴 प्रशासन से सीधे सवाल

  1. वैशाली नगर-खम्हरिया के सामने मुख्य मार्ग और पेट्रोल पंप के आसपास की जमीन का स्वामित्व किसके नाम है?
  2. बिजली कार्यालय के बाजू की जमीन का राजस्व रिकॉर्ड में क्या दर्ज है?
  3. यहां कितने लोगों ने कथित रूप से कब्जा किया है?
  4. पिछले कुछ वर्षों में इस क्षेत्र में कितने पेड़ काटे गए?
  5. पेड़ काटने की अनुमति किसने दी?
  6. क्या कब्जाई गई जमीन की खरीद-फरोख्त या प्लॉटिंग की शिकायत प्रशासन के पास पहुंची है?
  7. क्या राजस्व विभाग ने इस क्षेत्र का सीमांकन कराया है?
  8. क्या वन विभाग/राजस्व विभाग/नगर निकाय ने कोई कार्रवाई की है?
  9. यदि जमीन सरकारी है तो कब्जा हटाने की कार्रवाई कब होगी?

सिर्फ कब्जा हटाना पर्याप्त नहीं

मामला केवल जमीन खाली कराने तक सीमित नहीं होना चाहिए। प्रशासन को यह भी जांचना चाहिए कि कब्जा कैसे हुआ, पेड़ किसने काटे, जमीन का स्वरूप किसने बदला और यदि जमीन बेची गई तो उसके पीछे कौन लोग सक्रिय हैं।

मुख्य मार्ग से सटे क्षेत्र में इस तरह की गतिविधियां लंबे समय तक चलती रहीं तो आने वाले समय में यहां बेतरतीब निर्माण, यातायात समस्या और पर्यावरणीय नुकसान के साथ विवाद की स्थिति भी पैदा हो सकती है।

पूरे मामले में क्या SECL प्रबंधन की मौन सहमति…??

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