“तरदा में मगरमच्छ की फोटो वायरल, गांव में मचा हड़कंप; वन विभाग पहुंचा तो सामने आया चौंकाने वाला सच”
🐊 कोरबा में मगरमच्छ की वायरल फोटो का सच: असली नहीं थी तस्वीर, AI से बनाई गई थी इमेज!
तरदा और कुदुरमाल एनीकट के पास मगरमच्छ होने की खबर से मचा था हड़कंप, वन विभाग ने मौके पर पहुंचकर की जांच
कोरबा। कोरबा जिले में मगरमच्छ की एक तस्वीर सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने के बाद ग्रामीणों में दहशत फैल गई। वायरल तस्वीर के साथ दावा किया जा रहा था कि तरदा और कुदुरमाल एनीकट के आसपास मगरमच्छ देखा गया है।
मामला गंभीर मानते हुए वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की। आसपास के जलस्रोतों और बताए गए स्थानों पर काफी देर तक तलाश की गई, लेकिन कहीं भी मगरमच्छ नहीं मिला। जांच के बाद अधिकारियों ने वायरल तस्वीर को AI से तैयार की गई तस्वीर बताया।
🔍 वन विभाग ने मौके पर पहुंचकर की जांच
सोशल मीडिया पर तस्वीर तेजी से फैलने के बाद वन विभाग ने इसे महज अफवाह मानकर नजरअंदाज नहीं किया। करतला रेंज ऑफिसर अक्षय ऋषि के नेतृत्व में टीम संबंधित स्थानों पर पहुंची और आसपास के क्षेत्र तथा जलाशयों की जांच की।
काफी तलाश के बावजूद मगरमच्छ की मौजूदगी का कोई प्रमाण नहीं मिला। इसके बाद वायरल फोटो की भी जांच की गई। अधिकारियों के अनुसार तस्वीर वास्तविक फोटो नहीं बल्कि Artificial Intelligence से तैयार की गई इमेज प्रतीत हुई।
🐊 लेकिन कुछ दिन पहले सच में मिला था मगरमच्छ
इस पूरे मामले में सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि ग्रामीणों का डर पूरी तरह बेबुनियाद भी नहीं था।
कुछ दिन पहले तरदा गांव के एक खेत में करीब चार फीट लंबा वास्तविक मगरमच्छ मिला था। वन विभाग की टीम ने उसे सुरक्षित रेस्क्यू किया था।
इसी वास्तविक घटना के बाद जब मगरमच्छ की नई तस्वीर सोशल मीडिया पर सामने आई तो लोगों ने उसे सच मान लिया और खबर तेजी से फैल गई।
📱 AI फोटो ने बढ़ाई ग्रामीणों की चिंता
वन विभाग के लिए यह मामला सिर्फ एक फर्जी तस्वीर तक सीमित नहीं है। अधिकारियों के अनुसार AI से बनाई गई वन्यजीवों की तस्वीरें सोशल मीडिया पर फैलने से अनावश्यक भय पैदा होता है और विभागीय संसाधनों का इस्तेमाल फर्जी सूचना की जांच में करना पड़ता है।
अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि किसी भी वन्यजीव से संबंधित फोटो या वीडियो को बिना सत्यापन के आगे शेयर न करें। जानबूझकर भ्रामक सूचना फैलाने वालों पर कार्रवाई भी हो सकती है।
⚠️ फिर भी ग्रामीण रहें सावधान
वायरल फोटो फर्जी होने का मतलब यह नहीं है कि क्षेत्र में वन्यजीवों का खतरा पूरी तरह खत्म हो गया है। हाल ही में वास्तविक मगरमच्छ मिलने की घटना को देखते हुए नदी, एनीकट और अन्य जलस्रोतों के आसपास ग्रामीणों को सावधानी बरतने की जरूरत है।
वन विभाग ने भी ग्रामीणों को जलस्रोतों के पास सतर्क रहने की सलाह दी है।
सच्चाई: ❌ वायरल तस्वीर वास्तविक नहीं है। वन विभाग ने मौके पर जांच की और मगरमच्छ नहीं मिला। अधिकारियों के अनुसार तस्वीर AI-generated है।
