August 13, 2026

कोरबा में म्यूल अकाउंट पर पुलिस की कार्रवाई, 2 लोगों पर केस; बैंक खाता देना पड़ा भारी

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कोरबा में म्यूल अकाउंट पर पुलिस की बड़ी कार्रवाई: अपना बैंक खाता और मोबाइल नंबर देना पड़ा भारी, 2 लोगों पर केस

कोरबा। साइबर अपराधों में बैंक खातों के दुरुपयोग को रोकने के लिए कोरबा पुलिस ने म्यूल अकाउंट के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। इसी अभियान के तहत साइबर पुलिस थाना कोरबा ने अलग-अलग मामलों में दो बैंक खाताधारकों के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की है। पुलिस के अनुसार दोनों पर आरोप है कि उन्होंने लाभ और कमीशन के लालच में अपने बैंक खातों का उपयोग अन्य लोगों को करने दिया। बाद में इन खातों के साइबर अपराधों से जुड़े होने की जानकारी सामने आई।

पुलिस अधीक्षक कोरबा सिद्धार्थ तिवारी के निर्देशन में, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक लखन पटले तथा साइबर नोडल अधिकारी नितेश ठाकुर के मार्गदर्शन में साइबर थाना प्रभारी ललित कुमार चंद्रा के नेतृत्व में यह कार्रवाई की जा रही है।

म्यूल अकाउंट क्या है?

साइबर अपराधी अक्सर लोगों को आसान कमाई या कमीशन का लालच देकर उनके बैंक खाते का इस्तेमाल करते हैं। साइबर अपराध से प्राप्त रकम को ऐसे खातों में ट्रांसफर किया जाता है और इसके बाद रकम को दूसरे खातों में भेजा जाता है या नकद निकाल लिया जाता है। ऐसे बैंक खातों को सामान्य तौर पर म्यूल अकाउंट (Mule Account) कहा जाता है।

कोरबा साइबर पुलिस को अलग-अलग बैंक खातों से संबंधित मामलों में संदिग्ध लेन-देन की जानकारी मिली थी। जांच के दौरान संबंधित खाताधारकों को अभिरक्षा में लेकर पूछताछ की गई।

कमीशन के बदले खाते देने की बात आई सामने

पुलिस के अनुसार पूछताछ में राम कुमारी यादव, निवासी कृष्णनगर, कोरबा तथा कृष्ण कुमारी यादव, उम्र 30 वर्ष, निवासी मानसनगर, कोरबा के संबंध में यह तथ्य सामने आया कि उन्होंने अपने बैंक खातों को लाभ कमाने के उद्देश्य से अन्य व्यक्तियों को कमीशन के बदले उपयोग के लिए उपलब्ध कराया था।

बाद में संबंधित बैंक खातों के होल्ड होने की जानकारी भी उन्हें मिली। उपलब्ध तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर दोनों के विरुद्ध धारा 317(2) और 318(4) BNS के तहत वैधानिक कार्रवाई की गई है। पुलिस ने बताया कि दोनों मामलों की विवेचना अभी जारी है।

बैंक खाता देना पड़ सकता है भारी

पुलिस ने स्पष्ट किया है कि केवल यह कहकर जिम्मेदारी से बचना आसान नहीं होगा कि बैंक खाते का इस्तेमाल किसी दूसरे व्यक्ति ने किया था। यदि कोई व्यक्ति अपना बैंक खाता, एटीएम या अन्य बैंकिंग सुविधा किसी दूसरे व्यक्ति को उपलब्ध कराता है और उसका इस्तेमाल साइबर अपराध में होता है, तो खाताधारक भी पुलिस जांच और कानूनी कार्रवाई के दायरे में आ सकता है।

कोरबा पुलिस की अपील

कोरबा पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि कमीशन या आसान कमाई के लालच में अपना बैंक खाता किसी अन्य व्यक्ति को इस्तेमाल के लिए न दें। इसके अलावा एटीएम/डेबिट कार्ड, पासबुक, चेकबुक, इंटरनेट बैंकिंग की जानकारी, मोबाइल नंबर या सिम कार्ड भी किसी अन्य व्यक्ति को उपयोग के लिए उपलब्ध नहीं कराना चाहिए।

अपने बैंक खाते में होने वाले प्रत्येक लेन-देन की नियमित रूप से जानकारी रखें। यदि खाते में कोई संदिग्ध रकम आती है या ऐसा लेन-देन दिखाई देता है जिसकी जानकारी आपको नहीं है, तो तत्काल बैंक और पुलिस को इसकी सूचना दें। किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर अपने खाते में रकम प्राप्त कर उसे दूसरे खाते में ट्रांसफर करना या नकद निकालकर देना भी जोखिम भरा हो सकता है।

कोरबा पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि थोड़े से आर्थिक लाभ के लालच में अपने बैंक खाते, एटीएम, सिम या मोबाइल नंबर का इस्तेमाल दूसरों को न करने दें।