July 29, 2026

छत्तीसगढ़ में कोयला कारोबार तेज, SECL की बड़ी तैयारी; गेवरा-कुसमुंडा बने देश की ऊर्जा रीढ़

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कोरबा/बिलासपुर। छत्तीसगढ़ का कोयला क्षेत्र एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में है। देश की सबसे बड़ी कोयला उत्पादक कंपनी SECL लगातार उत्पादन बढ़ाने, नई तकनीक अपनाने और बड़े निवेश की दिशा में काम कर रही है। कोरबा जिले की गेवरा और कुसमुंडा खदानें अब वैश्विक स्तर पर भी पहचान बना रही हैं।

गेवरा बनेगी दुनिया की नंबर-1 कोयला खदान

SECL प्रबंधन के अनुसार गेवरा परियोजना अगले वर्ष 63 मिलियन टन उत्पादन का लक्ष्य हासिल कर सकती है। यह उपलब्धि मिलने पर गेवरा दुनिया की सबसे ज्यादा कोयला उत्पादन करने वाली खदान बन जाएगी। वर्तमान में अमेरिका की ब्लैक थंडर माइन शीर्ष पर है।

कुसमुंडा भी दुनिया की बड़ी खदानों में शामिल

कोरबा की कुसमुंडा परियोजना भी दुनिया की सबसे बड़ी कोयला खदानों में गिनी जा रही है। रिपोर्ट के मुताबिक गेवरा और कुसमुंडा दोनों मिलकर भारत के कुल कोयला उत्पादन में लगभग 10% योगदान दे रहे हैं।

SECL ला सकती है IPO

बाजार सूत्रों के अनुसार कोल इंडिया की सहायक कंपनी SECL आने वाले समय में IPO लाने की तैयारी में है। इसके लिए DRHP प्रक्रिया शुरू होने की जानकारी सामने आई है। इससे कोयला सेक्टर में निवेश और ट्रेडिंग गतिविधियां तेज हो सकती हैं।

Rare Earth Mining पर भी नजर

SECL ने कोयला खदानों के डंप क्षेत्र में Rare Earth Elements खोजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। कंपनी ने सात डंप क्षेत्रों की पहचान की है, जहां वैज्ञानिक सर्वे कराया जाएगा। इससे भविष्य में कोयले के साथ अन्य खनिज कारोबार भी बढ़ सकता है।

उत्पादन और डिस्पैच में बढ़ोतरी

SECL ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में 176 मिलियन टन से ज्यादा कोयला उत्पादन दर्ज किया। कंपनी का कोयला डिस्पैच भी बढ़ा है, जिससे बिजली संयंत्रों और उद्योगों को लगातार आपूर्ति मिल रही है।

स्थानीय कारोबार को मिल रहा फायदा

कोरबा, कुसमुंडा, दीपका और गेवरा क्षेत्र में:

ट्रांसपोर्ट कारोबार बढ़ा

मशीनरी और डीजल की मांग बढ़ी

स्थानीय ठेकेदारों को काम मिल रहा

CSR और इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट तेज हुए

विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में छत्तीसगढ़ देश का सबसे बड़ा ऊर्जा और कोयला व्यापार केंद्र बन सकता है।

(बिजनेस डेस्क – CGTMN NEWS)

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