CG NHM Protest: छत्तीसगढ़ में NHM कर्मचारियों पर गाज, बर्खास्तगी की कार्रवाई शुरू… कई जिलों के CMHO ने जारी किया आदेश

CG NHM Protest: छत्तीसगढ़ में NHM कर्मचारियों पर गाज, बर्खास्तगी की कार्रवाई शुरू… कई जिलों के CMHO ने जारी किया आदेश

Raipur News | Chhattisgarh NHM Protest: छत्तीसगढ़ में नेशनल हेल्थ मिशन (NHM) के कर्मचारी अपनी 10 सूत्रीय मांगों को लेकर पिछले कई दिनों से हड़ताल पर हैं। नियमितीकरण और वेतन वृद्धि जैसी मांगों को लेकर आंदोलनरत इन कर्मियों के खिलाफ अब सरकार सख्त रुख अपनाती दिख रही है। स्वास्थ्य विभाग ने हड़ताली कर्मचारियों पर ‘नो वर्क, नो पे’ (काम नहीं तो वेतन नहीं) का नियम लागू करने के बाद अब बर्खास्तगी की कार्रवाई शुरू करने की तैयारी कर ली है।

सरकार का कड़ा रुख

स्वास्थ्य मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल ने पहले ही साफ कर दिया था कि संविदा कर्मचारी अगर काम नहीं करेंगे तो उन्हें भुगतान नहीं मिलेगा। विभाग की ओर से नोटिस जारी कर दिया गया है कि हड़ताल पर बैठे कर्मचारियों को वेतन नहीं दिया जाएगा। वहीं, रायगढ़ और कोरिया सहित कई जिलों के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) ने पत्र जारी करते हुए चेतावनी दी है कि यदि कर्मचारी काम पर नहीं लौटे तो उनकी सेवा समाप्त की जा सकती है।

संघ ने किया विरोध

सरकार के इस फैसले का एनएचएम संघ ने विरोध किया है। संघ के प्रदेश अध्यक्ष अमित मिरी ने इसे दमनकारी कदम बताते हुए कहा कि समाधान कार्रवाई से नहीं बल्कि संवाद से निकलेगा। उनका कहना है कि कर्मचारी 18 अगस्त से हड़ताल पर हैं, ऐसे में पूरे महीने का वेतन काटना उचित नहीं है।

किन मांगों पर बनी सहमति?

एनएचएम कर्मचारियों ने 10 सूत्रीय मांगें रखी हैं, जिनमें नियमितीकरण प्रमुख है। स्वास्थ्य मंत्री के मुताबिक कुछ मांगों पर पहले ही सहमति दी जा चुकी है, जैसे –

22% वेतन वृद्धि

ट्रांसफर नीति का निर्माण

30 दिनों का चिकित्सकीय अवकाश

हालांकि, नियमितीकरण की मांग पर मंत्री ने कहा कि यह निर्णय केवल केंद्र सरकार की सहमति के बाद ही संभव होगा।

स्वास्थ्य सेवाओं पर असर

18 अगस्त से जारी इस अनिश्चितकालीन हड़ताल का सीधा असर राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ रहा है। प्रदेशभर में लगभग 16 हजार NHM कर्मचारी कार्यरत हैं, जिनके हड़ताल पर चले जाने से अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में अव्यवस्था की स्थिति बनी हुई है।