कोरबा। कोरबा शहर से लेकर एनटीपीसी मार्ग होते हुए बलगी मोड़ तक शनिवार-रविवार की दरम्यानी रात अज्ञात युवकों द्वारा किए गए हिंसक घटनाक्रम ने पूरे जिले में सनसनी फैला दी है। इस घटना में एक सहायक उप निरीक्षक (एएसआई) का पुत्र गंभीर रूप से घायल हो गया, जबकि एक युवा पत्रकार का कथित रूप से अपहरण कर उसके साथ बेरहमी से मारपीट की गई। पीड़ित पक्ष ने लूटपाट और पिस्टलनुमा हथियार से धमकाने के भी आरोप लगाए हैं।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, रात करीब 1 बजे बुधवारी बायपास मार्ग पर कुछ युवक अपने दोस्तों के साथ एक कार में बैठे हुए थे। इसी दौरान एक सफेद बोलेरो वहां पहुंची। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, सड़क पर पर्याप्त जगह होने के बावजूद बोलेरो सवारों ने वाहन हटाने को लेकर विवाद शुरू कर दिया।
बताया जा रहा है कि विवाद के दौरान एएसआई रामनारायण रात्रे के पुत्र चंद्रमणि रात्रे (दादू) जैसे ही वाहन से बाहर निकले, बोलेरो चालक ने तेज गति से वाहन बढ़ा दिया, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद बोलेरो सवार मौके से फरार हो गए।
पत्रकार ने किया पीछा, रास्ते में कथित अपहरण
घटना के बाद युवा पत्रकार अरविंद राठौर और उनके साथी साहिल निर्मलकर स्कूटी से बोलेरो का पीछा करने लगे। आरोप है कि एनटीपीसी मार्ग से बलगी की ओर जाते समय बोलेरो सवारों ने अपने अन्य साथियों को बुला लिया।
पीड़ित पक्ष के अनुसार, रास्ते में कुछ लोगों ने अरविंद राठौर को स्कूटी से नीचे गिराया और जबरन वाहन में बैठाकर अपने साथ ले गए। इसके बाद बलगी क्षेत्र में ले जाकर उनके साथ गंभीर मारपीट की गई।
25 से 30 लोगों द्वारा हमला, लूटपाट का आरोप
बताया जा रहा है कि बलगी क्षेत्र में 25 से 30 युवकों ने लाठी-डंडों से लैस होकर अरविंद राठौर पर हमला किया। इस दौरान एक युवक द्वारा पिस्टलनुमा हथियार दिखाकर धमकाने और हवा में फायरिंग करने का भी आरोप लगाया गया है।
पीड़ित पक्ष का दावा है कि मारपीट के बाद हमलावरों ने अरविंद राठौर के पास रखे करीब एक लाख रुपये नकद, आईफोन, सोने की अंगूठी तथा सोने की चेन लूट ली और उन्हें अधमरी हालत में छोड़कर फरार हो गए।
अस्पताल में भर्ती, पुलिस जांच में जुटी
कुछ समय बाद होश में आने पर अरविंद राठौर ने अपने दूसरे मोबाइल से साथियों को सूचना दी। इसके बाद उन्हें गंभीर हालत में अस्पताल पहुंचाया गया। वहीं चंद्रमणि रात्रे का भी उपचार जारी है और उनकी स्थिति गंभीर बताई जा रही है।
घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक लखन पटले सहित वरिष्ठ अधिकारी हरकत में आए। पुलिस द्वारा बुधवारी बायपास से लेकर बलगी मोड़ तक पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है तथा आरोपियों की तलाश जारी है।
पुलिस का कहना है कि मामले के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद ही घटना के वास्तविक कारणों और पूरी साजिश का खुलासा हो सकेगा।

