कोरबाछत्तीसगढ़

🚨 BREAKING: “SECL में ‘त्रिपुरा मेस’ के नाम पर खेल? RTI में इनकार, ज़मीन पर कोयला बाहर! —अब Vigilance तक पहुंच सकता है मामला


कोरबा। कुसमुंडा क्षेत्र की खदानों में क्या “मेस उपयोग” के नाम पर कोयले का खेल चल रहा है? मामला अब तूल पकड़ चुका है।

South Eastern Coalfields Limited (SECL) ने RTI में साफ कहा—त्रिपुरा रायफल्स को कोयला नहीं दिया जाता।
लेकिन मौके पर कोयला लदे वाहन क्रमांक सीजी 12AZ 9600 में तस्वीर में दिख रही है,और “काफी समय से ले जा रहे हैं” जैसे बयान—तस्वीर कुछ और ही दिखा रहे हैं।


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RTI vs Ground Reality — बड़ा विरोधाभास

RTI जवाब: “कोयला नहीं दिया जाता”

ज़मीन पर: वाहन में कोयला, मेस उपयोग का दावा

रिकॉर्ड: गेट पास/डिस्पैच/अनुमति—“उपलब्ध नहीं”

👉 सवाल सीधा है:
अगर कोयला नहीं दिया जाता, तो बाहर कैसे जा रहा है?
और अगर जा रहा है, तो रिकॉर्ड कहाँ है?


दोहरा मापदंड?

SECL में सामान्य कर्मचारी थोड़ी मात्रा में कोयला ले जाते पकड़ा जाए तो कार्रवाई तय।
लेकिन अगर सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े वाहन में कोयला दिखे—तो नियम क्या कहते हैं?


रिकॉर्ड गायब या प्रक्रिया गायब?

कोयला निकासी में सामान्यतः:

गेट पास

डिस्पैच रजिस्टर

अधिकृत अनुमति

जरूरी होते हैं।
इनका “उपलब्ध नहीं” होना खुद बड़ा सवाल है।


🚨 मामला अब Vigilance में

पूरे प्रकरण की शिकायत Coal India Limited के सतर्कता विभाग तक भेजी गई है।
मांग—रिकॉर्ड, CCTV, सुरक्षा रजिस्टर की जांच और जिम्मेदारी तय हो।


❗ बड़ा सवाल

क्या यह नियमित और अधिकृत प्रक्रिया है?

या सिस्टम में कहीं गंभीर चूक?

या “मेस” के नाम पर कुछ और चल रहा है?


⏳ आगे क्या

अब निगाहें SECL प्रबंधन और संबंधित एजेंसियों के आधिकारिक स्पष्टीकरण और जांच पर हैं।
दस्तावेज सामने आएंगे—तो सच भी सामने आएगा।



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