कोरबा (छत्तीसगढ़):
कोरबा जिला अपनी जैव-विविधता और दुर्लभ वन्यजीवों के लिए प्रसिद्ध है। यहां समय-समय पर ऐसे वन्य प्राणी देखने को मिलते हैं जो ग्रामीणों को हैरत में डाल देते हैं। ऐसा ही एक वाकया हाल ही में मदनपुर गांव में सामने आया, जब स्थानीय निवासी अजय कुमार सिंदर के घर में लगभग 15 फीट लंबा किंग कोबरा घुस आया। अचानक इतने बड़े विषधर को देखकर पूरे इलाके में दहशत फैल गई और लोग घरों से बाहर निकल आए।
वन विभाग और रेस्क्यू टीम की तत्परता
ग्रामीणों ने तुरंत इसकी सूचना वन विभाग और नोवा नेचर वेलफेयर सोसायटी को दी। जानकारी मिलते ही रेस्क्यूअर जितेंद्र सारथी ने घटना की सूचना डीएफओ कुमार निशांत को दी। उनके निर्देश और एसडीओ आशीष खेलवार के मार्गदर्शन में जितेंद्र सारथी अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे।
गांव पहुंचकर सबसे पहले ग्रामीणों को सुरक्षित दूरी पर किया गया। इसके बाद तय प्रोटोकॉल के अनुसार रेस्क्यू अभियान शुरू हुआ। करीब डेढ़ घंटे तक चले ऑपरेशन के दौरान किंग कोबरा ने कई बार फुफकार कर अपना रौद्र रूप दिखाया। हालांकि टीम ने धैर्य और सावधानी से काम करते हुए अंततः उसे सुरक्षित थैले में कैद करने में सफलता पाई।
सुरक्षित रूप से जंगल में छोड़ा गया
रेस्क्यू के बाद नियमानुसार पंचनामा तैयार किया गया और किंग कोबरा को उसके प्राकृतिक आवास क्षेत्र में सुरक्षित छोड़ दिया गया। इस अभियान में पासरखेत वन परिक्षेत्र अधिकारी देवदत्त खांडे, साकेत कुमार कौशिक, सिद्धांत जैन, बबलू मारुवा, कैलाश राठिया, संतोष कुमार यादव, खगेश यादव सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
डीएफओ का संदेश
डीएफओ कुमार निशांत ने कहा कि किंग कोबरा, जिसे स्थानीय भाषा में पहाड़ चित्ती भी कहते हैं, वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 की अनुसूची-I में शामिल है। इसलिए इसे मारना या नुकसान पहुँचाना कानूनन अपराध है। उन्होंने अपील की कि यदि किसी घर या गांव के पास सांप दिखाई दे तो तुरंत वन विभाग को सूचित करें या टोल-फ्री नंबर 8817534455 पर कॉल करें।
किंग कोबरा से जुड़ी खास बातें
- किंग कोबरा दुनिया का सबसे लंबा विषधर सांप है, जिसकी लंबाई 20 फीट तक हो सकती है।
- यह मुख्य रूप से अन्य सांपों को खाकर जीवित रहता है और उनकी जनसंख्या नियंत्रित करता है।
- यह दुनिया का एकमात्र सांप है जिसकी मादा अपने अंडों के लिए पत्तों का घोंसला बनाती है और करीब 3 माह तक उसकी रक्षा करती है।
- विशेषज्ञों का कहना है कि किंग कोबरा बिना कारण हमला नहीं करता, केवल खतरा महसूस होने पर ही आक्रामक हो जाता है।
इंसान और सांप का सह-अस्तित्व
नोवा नेचर वेलफेयर सोसायटी और कोरबा वन विभाग लगातार जन-जागरूकता और रेस्क्यू अभियानों के माध्यम से यह संदेश दे रहे हैं कि इंसान और सांप का सह-अस्तित्व ही वन्यजीव संरक्षण की सबसे बड़ी पहल है।











